इस गाँव में आज भी प्रथा के नाम पर महिलओं के साथ होता है ये शर्मनाक काम, जानें!

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आज के दौर में महिलाओ के अधिकारों  की बात करे तो बड़ी ही बुलंद आवाज़ में कहा जाता है कि महिलाए पुरुषों के कंधे से कन्धा मिलाकर चल रही है. लेकिन सोचने वाली बात है कि क्या सच में यह बात सही है . नही दरअसल आज भी हमारे समाज में अधिकतर महिलाए अपने मौलिक अधिकारों से वंचित हैं. प्रथा के नाम पर आज भी महिलाओं को ना जाने कितनी ही ऐसे रीती-रिवाजों से गुजरना पड़ता है जो कि किसी जानवर से कम नही होता और यह काफी गंभीर विषय है.

दरअसल राजस्थान के अलवर जिले के छोटे से गांव मनखेरा में बहुत सालों से ही यह गैरकानूनी और अमानवीय नीति चली आ रही है. यहां इस अनोखी परंपरा को इसलिए बनाया गया है ताकि स्त्री और पुरुष लिंग अनुपात में अंतर कम हो सके.  इसके इलावा गांव के हर घर में थोड़ी बहुत जमीन है.  इसलिए गांव में जिस परिवार के दो लड़के होते हैं उनमें से एक भाई की शादी नहीं की जाती. इस प्रथा के पीछे यह सोच है कि परिवार में जमीन ना बंटे इसलिए परिवार के बड़े बुजुर्ग एक ही पत्नी को दोनों भाइयों में बांट देते हैं.  सरल शब्दों में कहा जाए तो केवल जमीन के बंटवारे को रोकने के लिए यहां औरतों की कुर्बानी दे दी जाती है.

एक रिपोर्ट के अनुसार अगर कोई महिला भूल से भी गैर मर्द के साथ संबंध बनाने से इंकार कर देती है तो उनका हश्र काफी बुरा होता है.  इसलिए ना चाहते हुए भी यहां की महिलाओं को अपने पति के अलावा अन्य पुरुषों को भी अपना पति मानना पड़ता है.

 

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