
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में एक बार फिर सत्ता के बदलने का मानस बन रहा है। इसके पीछे सत्तारुढ़ दल का एससी, एसटी को दिया गया पुरजोर समर्थन है जो सवर्ण समाज को रास नहीं आ रहा है। योग्यता के आधार पर आरक्षण की मांग को लेकर सवर्णों का वर्षों से एक अभियान चल रहा था। पहले उन्हें अपना हित भाजपा में दिखा था लेकिन भारतीय जनता पार्टी द्वारा जिस ढंग से एससी, एसटी के पक्ष में लगातार कानून बनाए जा रहे हैं, इससे सवर्ण समाज में काफी आक्रोश है। लखनऊ में इस संदर्भ में एक विशाल जनसंगम आयोजित हुआ जिसमें राजा भैय्या को समर्थन देने का सवर्ण समाज ने मन बनाया। इसके पीछे सरकार द्वारा बनाया गया एससी, एसटी एक्ट है जो प्रकारान्तर में सवर्णों के विरुद्ध है।

राजा भैय्या को प्रतीक मानकर उनके नेतृत्व में सवर्णों द्वारा जो अभियान छेड़ा गया है वह धीरे-धीरे गति पकड़ रहा है। अब राजस्थान, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से भी राजा भैय्या की मांग आने लगी है। इसका कारण उनका सवर्ण समाज के पक्ष में होना है। राजा भैय्या का सवर्णों का समर्थन करने के लिए उनका आभार प्रदर्शन किया गया है और सोशल मीडिया पर उन्हें उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा तक कर दी गई है। इस घोषणा के अनुसार जनता ने उन्हें उत्तर प्रदेश का स्वयंभू अगला मुख्यमंत्री घोषित कर दिया है। चुनाव से पहले ही यह घोषणा इस बात की प्रतीक है कि लोगों में एससी, एसटी एक्ट के प्रति भारी नाराजगी है। साथ ही साथ सवर्णों का साथ देने के लिए राजा भैय्या के प्रति लोगो में प्रेम की भावना है। उन्हें लोग अगले मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में राजा भैय्या का प्रतापगढ़ के आसपास की कई सीटों पर उनका अच्छा-खासा प्रभाव है। सुल्तानपुर, जौनपुर, इलाहाबाद, बनारस समेत कई जनपदों में उनके समर्थक अच्छी-खासी संख्या में है। साथ ही साथ उन सीटों पर भी उनका अच्छा प्रभाव है जहां ब्राह्मण, क्षत्रिय बहुल संख्या में है। इसके कारण राजा भैय्या को लोग अगले मुख्यमंत्री के रूप में देख रहे हैं। राजा भैय्या यदि दलों की अपेक्षा कुछ कम सीटें लाते हैं तो भी कनार्टक की भांति अगली सरकार का उनके नेतृत्व में गठन हो सकता है, ऐसा उनके समर्थन मानते हैं। कम से कम सोशल मीडिया का समर्थन और घोषणाएं इसी बात का उल्लेख करती है।
वहीं राजा भैय्या ने भी जनता के इस अपार प्रेम को देखते हुए उनके आंदोलन में शामिल होकर उन्हें अपना समर्थन दिया तथा अपने फेसबुक अकाउंट पर कि कल एससी, एसटी एक्ट को खत्म करने की अपील की। सभी सवर्णों को इस एक्ट का विरोध करना चाहिए, इस एक्ट से समाज में नफरत फैल रही है, बेगुनाहों को जेल होगी। जय श्रीराम ! राजा भैय्या ने अपने फेसबुक अकाउंट पर यह अपील की थी जिसका भारी प्रभाव जनता पर पड़ा था। अगर आपको यह खबर अच्छी लगी हो तो इसें पढ़ें और अधिक से अधिक शेयर करें।


