चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा में लड़ने की गुंजाइश छोड़ गए हरक, पढ़ें क्या बोले हरक…

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फ़ाइल फ़ोटो- योग करते वन मंत्री हरक सिंह रावत

देहरादून। वन मंत्री हरक सिंह रावत ने 2022 में चुनाव नहीं लड़ने का एलान करने के बावजूद चुनाव लड़ने की पूरी गुंजाइश छोड़ दी है। हरक के मीडिया को दिया बयान में स्पष्ट किया है कि ये उनका व्यक्तिगत फैसला है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि कई बात पार्टी हित और परिस्थितियों के जल्दी निर्णय बदलने पड़ते हैं। इससे साफ है कि हरक पर अगर पार्टी का थोड़ा भी दवाब होगा तो वह चुनाव लड़ेंगे।

हरक रावत की राजनीति को जानने वाले मान रहे हैं कि इस तरह की एलान और दावे वह पहले भी कर चुके हैं। विपक्ष का कहना है कि ये वही हरक हैं जिन्होंने वर्ष 2012 में धारी देवी की कसम खाई थी कि वे शपथ लेंगे तो मुख्यमंत्री की, मंत्री नहीं बनेंगे। वो कसम उनके मंत्री बनने पर टूटी तब हरक ने कहा था कि परिस्थितियों के चलते उनको मंत्री की शपथ लेनी पड़ी। अब उनका राजनीतिक सन्यास लेने का एलान कर हरक ने चुनाव लड़ने के लिए सारे रास्ते खुले रखे है। उनके बयान में ही इसकी सच्चाई छिपी है।  हरक के बयान है कि

चुनाव नहीं लड़ने का फैसला उनका व्यक्तिगत है। ये पार्टी का फैसला नहीं है। व्यकिगत रूप से मैंने ये निर्णय लिया है कि चुनाव नहीं लड़ूंगा। कई बार परिस्थियां आप के हाथ मे नहीं होती। पर मैंने पार्टी हाईकमान को प्रदेश संगठन मंत्री को अवगत करवा दिया है कि 2022 का चुनाव नहीं लड़ना चाहता हूं। बाकी तो पार्टी हाईकमान निर्णय लेता है। बहुत सारी चीजें आपके मन के मुताबिक नहीं होती। प्रदेश के हित मे आपको पीछे हटना पड़ता है।

 

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