देहरादून- हरिद्वार महाकुंभ में कोरोना जांच में हुए महाघोटाले पर आज उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला और पूरे घोटाले का पर्दाफाश करने के लिए हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में न्यायिक जांच करवाने की मांग करते हुए ऐसा न होने पर 25 जून से राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि लाखों लोगों की असमय मृत्यु जो दूसरी कोरोना लहर में कुम्भ के दौरान हुई उसके लिए सीधे उत्तराखंड की भाजपा सरकार को दोषी ठहराते हुए सरकार के जिम्मेदारों पर हत्या का मुकद्दमा कायम करने की मांग की। प्रीतम सिंह ने कहा कि कांग्रेस आगामी 25 जून को हरिद्वार में गंगा तट पर उपवास करेगी और उसके बाद पूरे राज्य में आंदोलन चलाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि भाजपा जो पूरे हिन्दू धर्म व सनातन परंपरा की ठेकेदार बनती है उसके राज में व उसके संरक्षण में महाकुंभ 2021 में कोरोना वैश्विक महामारी में कोरोना जांच में महाघोटाले का महापाप किया गया। सरकार के मुखिया व पूर्व मुखिया इस घोटाले को स्वीकार कर चुके हैं और दोषारोपण एक दूसरे पर कर रहे हैं। यह केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि उत्तराखंड व देश के लोगों की जान व स्वास्थ से घिनौना खिलवाड़ है। कोरोना की दूसरी लहर में देश में लाखों लोगों की जान चली गयी और इस दूसरी लहर में महाकुंभ को सुपर स्प्रैडर माना गया। ऐसे में यह कोरोना जांच घोटाला एक राष्ट्रद्रोह से कम नहीं है और इसमें लिप्त सभी लोगों का पर्दाफाश व उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही अत्यंत आवश्यक है।
प्रीतम सिंह ने इस महाघोटाले पर बिंदुवार बात करते हुए कहा कि कुछ तथ्य जो सिद्द कर रहे हैं घोटाला

1.बिना आईसीएमआर के अनापत्ति व मान्यता वाली कम्पनी को कैसे दे दिया गया जांच का काम ?

  1. मैक्सवेल सर्विस और दो लैब्स नलवा व लाल चंदानी के बीच एक उवन के आधार पर क्यों दे दिया गया महाकुंभ में कोरोना की जांच का काम।
  2. 1 अप्रैल को हरिद्वार जिले का संक्रमण दर पूरे उत्तराखंड के 12 जिलों के संक्रमण दर से 75 प्रतिशत कम था, 2 अप्रैल की यह अंतर 20 प्रतिशत व 4 अप्रैल को 85 प्रतिशत कम था। 5 अप्रैल को 82 प्रतिशत व 6 अप्रैल को फिर 85 प्रतिशत कम था। कुल मिला कर पूरे अप्रैल के महीने हरिद्वार जहां सरकारी दावे के अनुसार महाकुंभ स्नान के लिए करीब पचास लाख श्रद्धालु आये वहां कोरोना संक्रमण का पाजिटिविटी दर उत्तराखंड के अन्य जनपदों की तुलना में 80 प्रतिशत कम रहा जो आश्चर्यजनक था किंतु मेला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग व सरकार किसी ने भी इस पर गौर नहीं किया।
  3. 1 मई से 15 जून तक भी हरिद्वार का पाजिटिविटी दर राज्य के अन्य 12 जनपदों की तुलना में 55 प्रतिशत कम है , जांच का काम इन्हीं एजंसियों के माध्यम से चल रहा था। हरिद्वार में इस बीच जो 314204 टैस्ट हुए उसमें केवल 18312 पोसिटिव आये जो यानी पाजिटिविटी दर 5.83: जबकि अन्य जनपदों में इस अवधि में 12 जनपदों में हुए 1071142 लोगों के टेस्ट हुए जिनमें 138616 पॉजिटिव आये यानी 12.94: उपरोक्त तथ्यों से यह स्पष्ट है कि जिस जगह (हरिद्वार) में पूरे देश के अलग अलग प्रान्तों से लोग आए वहां पाजिटिविटी दर 55 से 85 प्रतिशत कम आना ही अपने आप में सारी जांचों को कठघरे में खड़ा कर रहा है।
  4. यह राज्य सरकार , स्वास्थ्य विभाग व मेला प्रशाशन की बहुत बड़ी आपराधिक चूक है क्योंकि इतनी बड़ी संख्या में लोग महाकुंभ में आये और फिर अपने अपने प्रान्तों में वापस लौट कर गए तो इस पूरे प्रकरण को अगर सुपर स्प्रैडर नहीं कहेंगे तो क्या कहेंगे? और इसके लिए मेला प्रशाशन, स्वास्थ्य विभाग व राज्य सरकार पूर्ण रूप से दोषी है।

प्रीतम सिंह ने कहा कि उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी इस पूरे महाघोटाले का पर्दाफाश होने तक चुप नहीं बैठेगी और 25 जून को हरिद्वार के उपवास कार्यक्रम के बाद आगे का आंदोलनात्मक कार्यक्रम घोषित किया जाएगा। प्रेस वार्ता में पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला,पूर्व विधायक विक्रम सिंह नेगी, प्रदेश महासचिव राजेन्द्र शाह, डॉक्टर प्रतिमा सिंह, नवीन पयाल, महेश जोशी आदि उपस्थित रहे।

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